जी-20 समिट से पहले हैम्बर्ग में हंगामा- मुखौटा पहने 1000 प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार, मिर्च स्प्रे, बदले में फेंके बोतल-पत्थर

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जर्मनी के हैम्बर्ग में प्रदर्शनकारियों ने एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। (फोटो-एपी)
जर्मनी के हैम्बर्ग में प्रदर्शनकारियों ने एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। (फोटो-एपी)

G20 Summit Protest: समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इस झड़प में 75 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें से तीन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जर्मनी का हैम्बर्ग में आज (7 जुलाई) से दो दिवसीय जी-20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो गई लेकिन इससे पहले वहां सड़कों पर करीब एक हजार प्रदर्शनकारियों ने काला कपड़ा और मुखौटा पहन कर विरोध-प्रदर्शन किया। गुरुवार की शाम समारोह स्थल का घेराव करने पहुंचे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए हैम्बर्ग में 25 हजार पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।

जर्मनी के हैम्बर्ग में जी-20 समिट का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी। (फोटो-एपी)
जर्मनी के हैम्बर्ग में जी-20 समिट का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी। (फोटो-एपी)

काले लिबास पहने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने पानी की बौछार की फिर मिर्च पावडर का छिड़काव किया। इसके जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर बोतलें, पत्थर और अन्य सामान फेंके। घटना से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने वहां कई गाड़ियों में आग लगा दी और तोड़-फोड़ की । समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इस झड़प में 75 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें से तीन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

कौन हैं प्रदर्शनकारी:

प्रदर्शन करने वाले वामपंथी संगठनों से जुड़े हैं। इनलोगों ने “नरक में आपका स्वागत है” नाम से एक विरोध प्रदर्शन अभियान शुरू किया है। यह पिछले कुछ हफ्तों में जर्मनी में पंजीकृत 30 जी-20 विरोधियों का हिस्सा है। हैम्बर्ग में हो रहे इस आंदोलन में पूरे यूरोप के एंटी कैपिटलिस्ट हिल्ला लेने पहुंचे हैं। इनमें कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य देशों के स्टूडेन्ट्स भी शामिल हैं। इस विरोध-प्रदर्शन में पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर काम करने वाले कुछ संगठन भी शामिल हैं।

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