इस मूवी के बारे में आप ज़रूर जानना चाहेंगे ‘चंदा मामा दूर के’

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Pic credit-Thelallantop

#1. इसकी कहानी भारत के एक स्पेस प्रोग्रैम के बारे में है जिसमें हमारे अंतरिक्षयात्री 2017-18 में पहली बार चांद पर पहुंचते हैं. इसे संजय पूरण सिंह चौहान ने लिखा है जो फिल्म के डायरेक्टर भी हैं. इस सब्जेक्ट पर उन्होंने दो साल रिसर्च की है. भारत के जो भी अंतरिक्ष कार्यक्रम रहे हैं उनके तथ्य और अतीत की कई घटनाओं के संदर्भ फिल्म में लिए गए हैं. इसकी बाकी कहानी काल्पनिक है. फिल्म में देशभक्ति की थीम भी होगी इसीलिए इसे 26 जनवरी पर रिलीज किया जाएगा.

#2. संजय की बतौर डायरेक्टर ये दूसरी फिल्म होगी. इससे पहले उन्होंने 2010 में स्पोर्ट्स मूवी ‘लाहौर’ बनाई थी जो पाकिस्तानी और इंडियन किकबॉक्सर्स के बीच मुकाबले पर आधारित थी. उस फिल्म के रिलीज होने के बाद संजय ब्रेक लेकर अमेरिका चले गए थे. वहां जाने के बाद उन्होंने इंडिया की ‘पहली स्पेस मूवी’ बनाने का मन पक्का कर लिया. वैसे ‘चंदा मामा दूर के’ उनके करियर की पहली फिल्म होनी थी. वे सबसे पहले इसे ही बनाना चाहते थे. लेकिन उनके पास संसाधन भी नहीं थे और कोई प्रोड्यूसर इसमें पैसा नहीं लगाता इसलिए उन्होंने ‘लाहौर’ बनाई.

एक्टर सुशांत सिंह राजपूत; डायरेक्टर संजय पूरण सिंह चौहान.

#3. सुशांत सिंह राजपूत इसमें एस्ट्रोनॉट के लीड रोल में हैं. फिल्म में वो जो स्पेस सूट पहने दिखाई देंगे उसे डिजाइन किया है जॉन पामर ने. उन्होंने ही डायरेक्टर रिडली स्कॉट की ‘द मार्शियन’ (2015) में मैट डेमन का स्पेस सूट बनाया था जो मंगल ग्रह पर जाने के मिशन पर आधारित फिल्म थी. जॉन पिछले 45 सालों से हॉलीवुड मूवीज़ से जुड़े हुए हैं. वे इस थीम वाली फिल्म ‘अपोलो 13’ (1995), ‘डीप इम्पैक्ट’ (1998) और ‘आर्मागेडन’ (1998) का भी हिस्सा थे.

फिल्म द मार्शियन में मैट डेमन; जॉन पामर.

#4. जॉन ने बताया है कि ‘चंदा मामा..’ में अंतरिक्ष यात्रियों की पोशाक उन्होंने इसरो की भारतीय डिजाइन और चीन व रूस के लेटेस्ट सूट मॉडल्स को ध्यान में रखकर बनाई है. इसके लिए उन्होंने डायरेक्टर संजय के साथ हजारों डिजाइन देखीं. बाद में वही डिजाइन तय हुआ जिसमें कुछ इंडियन एलीमेंट भी थे, जो आकर्षक भी था और टेक्नीकली सही भी.

सुशांत सिंह स्पेस सूट में प्रैक्टिस करते हुए; जॉन पामर का डिजाइन किया सूट; स्पेस सेंटर में.

#5. फिल्म के डायरेक्टर संजय पूरण सिंह का कहना है कि ये किसी भी हॉलीवुड स्पेस मूवी जैसी नहीं होगी. ये पूरी तरह से एक भारतीय अंदाज वाली फिल्म होगी. उन्होंने कहा कि ‘चंदा मामा दूर के’ वैसे 1968 में रिलीज हुई स्टैनली कुबरिक की फिल्म ‘2001: अ स्पेस ऑडिसी’ की तर्ज पर होगी. कुबरिक की ये फिल्म विश्व सिनेमा की महान फिल्मों में गिनी जाती है. ये एक मास्टरपीस है. ऐसे में फिल्मकारों के लिए अपनी फिल्म को इसकी तर्ज पर बताना एक लालच है. ‘चंदा मामा..’ भारतीय सुरुचि वाली एक सीधी कहानी प्रतीत होती है, वहीं कुबरिक की फिल्म में बहुत सी जटिल थीम ( artificial intelligence, existentialism, human evolution, extraterrestrial life) थीं जो कमर्शियल हिंदी फिल्म में ला पाना संभव नहीं है. कुबरिक की फिल्म का रेफरेंस लाखों साल पहले से शुरू होता है, ‘चंदा मामा..’ मौजूदा सेटअप में होगी.

फिल्म “2001ः अ स्पेस ऑडिसी” का पोस्टर और शूटिंग के दौरान डायरेक्टर स्टैनली कुबरिक.

#6. इस फिल्म में आर. माधवन एयर फोर्स पायलट का रोल करेंगे. उन्होंने कहा है कि ये एक unsung hero की अद्वितीय कहानी है. माधवन ने इससे पहले 1997 में दूरदर्शन की सीरीज ‘सी हॉक्स’ में और 2006 में ‘रंग दे बसंती’ में पायलट का रोल किया था.

टीवी-सीरीज “सी-हॉक्स” और फिल्म “रंग दे बसंती” में आर. माधवन.

#7. नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी ‘चंदा मामा दूर के’ में हैं. वे एक एस्ट्रोनॉट का कैरेक्टर करेंगे. पहले सुशांत के साथ शूटिंग शुरू होगी और नवाज काफी दिन बाद उसमें जुड़ेंगे. इससे पहले वे नंदिता दास की मंटो बायोपिक पूरी करेंगे.

आगामी शॉर्ट फिल्म “कार्बन” में भी नवाज एस्ट्रोनॉट बने हैं.

#8. जनवरी में सुशांत ने अपने रोल के लिए तैयारी शुरू कर दी थी. ट्रेनिंग के पहले दिन उन्होंने दुबई में बोइंग विमान का फिक्स सिम्युलेटर चलाया. वे अमेरिका के एलेबामा में यू.एस. स्पेस एंड रॉकेट सेंटर भी गए. वहां कई एक्सरसाइज़ कीं. उन्होंने सेंट्रीफ्यूज़, ज़ीरो ग्रैविटी, चांद की ज़मीन पर चलने, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के काम करने के तरीके और न्यूट्रल बायेंसी (तटस्थ उछाल) के बारे में जाना. उन्होंने चांद पर दो इंसानों को ले जाने वाले विमान ‘अपोलो 11’ और उसके कार्यक्रम के बारे में भी पढ़ा. सुशांत ने अपोलो में जाने वाले यात्रियों के रोजाना के जर्नल भी पढ़े ताकि उनके रूटीन और सोचने के तरीके को समझ सके. और तैयारी के लिए वे नासा भी जाएंगे.

यू.एस. स्पेस एंड रॉकेट सेंटर में ट्रेनिंग लेते हुए सुशांत सिंह.

#9. ‘चंदा मामा दूर के’ की शूटिंग सितंबर-अक्टूबर में आरंभ होगी. पहले मई-जून में शुरू होने वाली थी. लेकिन प्री-प्रोडक्शन में टाइम लग गया. प्रोड्यूसर विकी राजानी के मुताबिक एक साल से फिल्म की तैयारियां चल रही हैं और पूरी प्लानिंग के बाद ही शूट शुरू होगा. मुंबई, हैदराबाद औऱ दिल्ली की लोकेशंस में इसे फिल्माया जाएगा. कई इंटरनेशनल स्टूडियोज़ में जरूरी दृश्यों को शूट किया जाएगा जिनका सेटअप स्पेस मूवीज़ के अनुकूल है. बाद में उन दृश्यों के ग्राफिक्स पर काम होगा. फिल्म का शूट चार महीने में पूरा कर लिया जाएगा.

यू.एस. स्पेस एंड रॉकेट सेंटर, एलेबामा में सुशांत सिंह.

#10. ये भारत की पहली स्पेस एडवेंचर फिल्म हो सकती है. कुछ और फिल्में भी इसी थीम पर बन रही हैं जिनमें आमिर खान की ‘सैल्यूट’ सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है. इसमें वो अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय राकेश शर्मा का रोल करेंगे. लेकिन आमिर की फिल्म को बनने और आने में टाइम लगेगा क्योंकि अभी वे यशराज बैनर की अमिताभ बच्चन स्टारर ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ में बिज़ी हैं. उनकी फिल्म से काफी पहले सुशांत की फिल्म ‘चंदा मामा दूर के’ 2018 में रिपब्लिक डे पर रिलीज हो जाएगी.

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