शिक्षक दिवस: भारत में 5 सितंबर तो चीन में 10 सितंबर को क्यों मनाते हैं टीचर्स डे? जानें वजह

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भारत के पहले पूर्व उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधा कृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था। वे प्रख्यात शिक्षाविद, दार्शनिक और एक आस्थावान हिन्दू विचारक थे। उनके इन्हीं गुणों के कारण सन् 1954 में भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया था। इसी दिन पूरे भारत में शिक्षक दिवस भी मनाया जाता है।

ऐसे शुरू हुआ शिक्षक दिवस
हर साल 5 सितंबर को शिक्षकों के सम्मान के रूप में सम्पूर्ण भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। वे भारत को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले गए। कहा जाता है कि एक बार उनके सहमित्रों और शिष्यों ने उनसे विनती करते हुए कहा कि 5 सितंबर को उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाना चाहते हैं।

डॉक्टर राधाकृष्णन इस बात से अभिभूत हो गए और कहा, ‘मेरा जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाने के आपके निश्चय से मैं स्वयं को गौरवान्वित अनुभव करूंगा। तभी से 5 सितंबर देश भर में इसी दिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

चीन में 1931 में राष्ट्रीय सेंट्रल यूनिवर्सिटी में शिक्षक दिवस की शुरुआत की गई, पर बाद में 1939 में कन्फ्यूशियस के जन्मदिवस 27 अगस्त को शिक्षक दिवस घोषित किया गया लेकिन 1951 में इस घोषणा को वापस ले ले लिया गया। इसके बाद 1985 में 10 सितंबर को शिक्षक दिवस घोषित किया गया। चीनी लोगों की मांग है कि कन्फ्यूशियस के जन्मदिवस को दोबारा शिक्षक दिवस घोषित किया जाए।

1994 के बाद यूनेस्को ने 5 अक्टूबर को वर्ल्ड टीचर्स डे घोषित कर दिया था। पाकिस्तान मालदीव, कुवैत, मॉरीशस, कतर, ब्रिटेन, रूस आदि देश इसी दिन टीचर्स डे मनाते हैं। वहीं चीन 10 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाता है।

 

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